पिता हैं पैरालिसिस्ड, दूसरे प्रयास में UPSC CAPF में 5वीं रैंक लाकर बने असिस्टेंट कमांडेंट, इतने घंटे करते थे पढ़ाई
हर्ष की तैयारी में उनके परिवार का योगदान भी बेहद अहम रहा। उनके चाचा और बहनों ने घर की जिम्मेदारियों के साथ खेती-किसानी का काम संभाला, ताकि हर्ष अपना पूरा ध्यान परीक्षा की तैयारी पर लगा सकें।
No comments:
Post a Comment